बदायूँ उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूँ में कानून व्यवस्था और आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। सुस्ती और लापरवाही के गंभीर आरोपों के चलते बदायूं के एसएसपी डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह का तबादला कर दिया गया है। उनके स्थान पर 2018 बैच की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा को बदायूं की कमान सौंपी है। डबल मर्डर केस का संज्ञान: HPCL बायोगैस प्लांट में हुए दो बड़े अफसरों की हत्या के बाद जिले में दहशत का माहौल था। आरोप है कि पीड़ितों ने कप्तान से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, जिसे नजरअंदाज किया गया था। डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह को पद से हटाकर अब प्रतीक्षा सूची/लॉजिस्टिक्स अधीक्षक लखनऊ के पद पर भेज दिया गया है। लापरवाही पर घटना के बाद कप्तान ने आनन-फानन में थाना प्रभारी और हल्का प्रभारी को निलंबित तो किया था, लेकिन सूबे के मुखिया ने कप्तान की कार्यप्रणाली को “झोलझाल” और “सुस्त” मानते हुए खुद उन पर कार्रवाई की है।
बदायूं की कमान अब 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा के हाथों में है। उन्हें विभाग में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से जाना जाता है। अंकिता शर्मा अपनी तेजतर्रार कार्यशैली और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के लिए जानी जाती हैं। उनकी तुलना अक्सर चर्चित आईपीएस मंजिल सैनी से की जाती है। बदायूं में कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना और पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को बहाल करना उनकी प्राथमिकता होगी।
सूत्रों के अनुसार, यह केवल शुरुआत है। शासन इस पूरी घटना को लंबे समय से नजर अंदाज करने वाले अन्य दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की लिस्ट भी तैयार कर रहा है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों पर गाज गिर सकती है।
बदायूं पुलिस प्रशासन पर लगे गंभीर आरोपों और मुख्यमंत्री के कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





