
बदायूँ 04 अक्टूबर । कांग्रेस ने लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के अंतर्गत ककराला में वोट बचाओ देश बचाओ मार्च निकाला जिसमें मुख्य अतिथि के बतौर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सह बिहार प्रभारी शाहनवाज आलम शामिल रहे।
इंडिया गठबंधन की 30 सितंबर को दिल्ली में हुई बैठक में
वोट चोरी और लोकतंत्र की हत्या के विरुद्ध मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजेश कुमार को हटाने और उन पर मुकदमा चलाने एवं उनकी गिरफ्तारी की मांग के समर्थन में पूरे देश में 02 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत विरोध प्रदर्शन करने के निर्णय लिए गए थे।
इस निर्णय के अंतर्गत मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और उन पर मुकदमा चलाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने रविवार को ककराला में वोट बचाओ देश बचाओ मार्च निकाला। मार्च घास बाजार से शुरू होकर पश्चिम पुल तक निकाला गया। मार्च के दौरान कांग्रेसियों ने वोट चोर गद्दी छोड़, देश का गद्दार ज्ञानेश कुमार जैसे नारे लगाए।
वोट बचाओ देश बचाओ मार्च में बोलते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सह बिहार प्रभारी शाहनवाज आलम ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने बीजेपी के एजेंट की तरह काम किया है और वोट चोरी कर देश के जनादेश को लूटा है। ज्ञानेश कुमार ने देश से गद्दारी की है। इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे और नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी द्वारा लगातार प्रस्तुत तथ्यों से स्पष्ट है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश गुप्ता द्वारा प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के इशारे पर वोट चोरी की जा रही है। वोटर लिस्ट में हेरफेर कर , गैरकानूनी एसआईआर के बहाने 13 करोड़ से अधिक वोटों को काट कर , फार्म 6 में गैरकानूनी बदलाव समेत चुनाव आयोग द्वारा भाजपा को चुनावी फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वोट चोरी के अपराधी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पदमुक्त व गिरफ्तार करने की मांग की ।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने कहा कि बीजेपी चुनावी धांधली के ज़रिए जीत रही है और मोदी सरकार ही नहीं, कई राज्य सरकारें भी इन्हीं धांधलियों के ज़रिए बनाई गई हैं। लिहाज़ा वे नाजायज़ हैं, अवैध हैं, ग़ैर कानूनी हैं, उन्हें बने रहने का कोई हक़ नहीं है, बल्कि ये अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक भी है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश गैर-कानूनी चुनावों के आधार पर चल रहा है और मोदी एक गैर-कानूनी प्रधानमंत्री हैं, शाह एक गैर-कानूनी मंत्री हैं और जहां भी मुख्यमंत्री चुने गए हैं, वे सभी गैर-कानूनी हैं । इन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने एसआईआर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने , एसआईआर के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने तथा फार्म 6 में किए गए कथित अनियमित परिवर्तनों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने । निर्वाचन आयोग के भीतर इस संबंध में दर्ज सभी आपत्तियों, नोटशीट और संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक करने ।एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए सभी पात्र नागरिकों के मामलों की स्वतंत्र समीक्षा कर उनके मताधिकार की रक्षा करने की मांग की।
मार्च में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता तजमीम अहमद , जेएनयू के छात्र मो0 कैफ , हासिम अली, कांग्रेस के जिला कोषाध्यक्ष साजिद अली खान, ककराला नगर अध्यक्ष शहजादा रिजवान, उसहैत नगर अध्यक्ष यूनिस रजा, अकरम खान , सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष नवनीत यादव, फितरत खान , लबीब खान , डॉ 0सोहराब खान , आबिद अली , शहरू , महरू समेत दर्जनों कांग्रेसी शामिल रहे।
जिला संवाददाता शुभ खबर बदायूँ से शमसुल हसन अंसारी





